{"product_id":"महा-मेरु-पृष्ठ-श्री-यंत्र-1-2-किग्रा-4-4","title":"महा मेरु पृष्ठ श्री यंत्र –(1.2 कि.ग्रॅ.--            4” × 4”)","description":"\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eनिर्माण धातू -\u003c\/strong\u003e 1.2 किलोग्राम वजन और 4” × 4” आकार का यह मेरु पृष्ठ श्री यंत्र  । यह ठोस पंचधातू से निर्मित उपर से  Gold Plating किया हैं l\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eप्रमुख लाभ:\u003c\/b\u003e बड़े परिसर का संपूर्ण ऊर्जा संतुलन, भूमि दोष निवारण, व्यापार में निरंतर विस्तार और कुल-समृद्धि।\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eकहाँ स्थापित करें:\u003c\/b\u003e श्रीयंत्र घर के पूजा स्थान में रखें। वास्तु परंपरा में पूजा स्थान के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) बताया गया है। वहाँ स्थान उपलब्ध न हो, तो घर के किसी स्वच्छ, शांत हिस्से में पूजा की जगह बनाकर श्रीयंत्र रख सकते हैं। ईशान कोण का निर्देश पूजा स्थान के लिए है l \u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eश्रीविद्या परंपरा में श्रीयंत्र को देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की उपासना का प्रतीक मानते हैं। इसकी नियमित पूजा से मंगल, समृद्धि, बाधाओं में कमी और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है। श्रद्धा से किया गया पूजन मन को प्रार्थना और ध्यान में एकाग्र करने में भी सहायक हो सकता है।\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e","brand":"My Store","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50489231212614,"sku":null,"price":7000.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0754\/4992\/5702\/files\/Screenshot-20260922_160119_ChatGPT.jpg?v=1790073213","url":"https:\/\/ayurjyoti.shop\/products\/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-1-2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-4-4","provider":"My Store","version":"1.0","type":"link"}